’फेंगहे’ का डिज़ाइन रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन के साथ डीप इंटीग्रेशन की सुविधा देता है। मौसम की जानकारी के लिए फाइन-ट्यून ’फेंगहे’ न सिर्फ़ टेक्स्ट जेनरेट करने देता है, बल्कि डेटा एक्सेस, तर्क और टूल के इस्तेमाल को मिलाकर काम करने लायक आउटपुट भी तैयार करता है। इसका आर्किटेक्चर फेंगहे को नेचुरल लैंग्वेज इंटरैक्शन और खास ऑपरेशनल कामों, दोनों ही तरह के काम करने देता है।
चीन का जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैंग्वेज मॉडल ’फेंगहे’, विशेष रूप से मौसम विज्ञान सेवाओं के लिए डिज़ाइन बेहद एडवांस टेक्नालॉजी है। 50 मिलियन भाषाई इकाइयों और लगभग 490,000 वास्तविक दुनिया के मौसम विज्ञान प्रश्न-उत्तर परिदृश्यों के उच्च-गुणवत्ता वाले कॉर्पस पर निर्मित, ’फेंगहे’ की खासियत ये है कि यह उपयोगकर्ताओं के प्रश्नों का समाधान और मौसम संबंधित जरूरतों की एक विस्तृत श्रृंखला पर अपनी सटीक प्रतिक्रियाएं और विश्लेषणात्मक रिपोर्ट देता है। इसमें दैनिक पूर्वानुमान, यहां तक कि कपड़ों की सलाह से लेकर पर्यटन, परिवहन और ऊर्जा संचालन जैसी गतिविधियों के लिए भी मार्गदर्शन उपलब्ध है। अब तक ’फेंगहे’ का कई क्षेत्रों में चीनी मौसम विज्ञान विभाग द्वारा परीक्षण किया जा चुका है। चीन के 15वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान एक वीचैट मिनी प्रोग्राम के माध्यम से कार्यक्रम के लिए अनुकूलित मौसम सेवाएं प्रदान करने के लिए इसका उपयोग किया गया था, जो सफल रहा।
खास मौसम की जानकारी और सर्विस के लिए डिजाइन फेंगहे
‘फेंगहे’ चीन के चाइना मेट्रोलॉजिकल एडमिनिस्ट्रेशन (ब्ड।) द्वारा खास तौर पर मौसम सेवाओं की सटीक जानकारी हेतु बनाया है। आठ मुख्य कैटेगरी और 60 से ज्यादा खास मौसम सेवाओं वाले डेटा इंटरफ़ेस टूल्स और पर्सनलाइज़्ड एप्लिकेशन वाला ’फेंगहे’ मौसम विज्ञान डेटा के आधार पर संदर्भ-जागरूक जवाब और विश्लेषित रिपोर्ट तैयार करने में सक्षम है। मौसम संबंधी सेवाओं के लिए यूज़र्स की ज़रूरतों को सटीक, प्रोफेशनल और गहराई से समझने के लिए, इसमें चार मुख्य टेक्नोलॉजी -कॉर्पस कंस्ट्रक्शन; नॉलेज एन्हांसमेंट ट्रेनिंग और सिनेरियो-स्पेसिफिक फाइन-ट्यूनिंग; डीप रीजनिंग; और मल्टी-एजेंट कोलैबोरेशन-को शामिल किया गया है। डीप रीजनिंग ’फेंगहे’ की रीजनिंग क्षमता को बढ़ाती है, जिससे यह लॉजिकल इन्फरेंस को फॉलो कर पाता है और मौसम विशेषज्ञ की तरह फैसले ले पाता है। सिनेरियो-स्पेसिफिक फाइन-ट्यूनिंग मॉडल खास सर्विस कॉन्टेक्स्ट (जैसे, टूरिज्म मौसम सलाह, एनर्जी इस्तेमाल पर असर) पर ट्रेनिंग देता है। मल्टी-एजेंट कोलेबोरेशन से, मुश्किल काम अपने-आप अलग होकर सुनियोजित हो जाते हैं। साथ ही इसके जरिए एजेंट्स के बीच एक-दूसरे को पूरा करने की क्षमता भी होती है, जिससे वे कोऑर्डिनेशन से काम कर पाते हैं और तेज़ी से प्रोफेशनल रिपोर्ट बना लेते हैं।
‘फेंगहे’ से पहले, सीएमए ने ’फेंगलेइ’, ’फेंगकिंग’, ’फेंगशुन’ और ’फेंगयू’ जैसे एआई मॉडल पेश किए थे। हालांकि ये मॉडल ’फेंगहे’ से अलग हैं, लेकिन इन सभी का इस्तेमाल मौसम की भविष्यवाणी में किया जाता है। ’फेंगलेइर्’ आने वाले तूफानों और भारी बारिश के लिए नाउकास्टिंग पर फोकस करता है; ’फेंगकिंग’ एक ग्लोबल शॉर्ट- से मीडियम-रेंज पूर्वानुमान सिस्टम है; ’फेंगशुन’ ग्लोबल सबसीज़नल-से-सीज़नल भविष्यवाणियां प्रदान करता है; और ’फेंगय’ू एक चेन-बेस्ड स्पेस वेदर पूर्वानुमान मॉडल है। आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय के बाढ़ और सूखा आपदा रोकथाम विभाग के उप निदेशक वांग जियांगहाई के अनुसार नया एआई सिस्टम आपदा रोकथाम और प्रतिक्रिया क्षमताओं को बेहतर बनाता है। ’फेंगहे’ बाढ़ नियंत्रण कर्मचारियों के लिए एक विशेषज्ञ सलाहकार की तरह है, जो मौसम के पैटर्न को मापने, आपदा जोखिमों का विश्लेषण करने और कुशल रोकथाम और शमन के लिए सटीक सुझाव देने में सक्षम है। वांग का कहना है आम लोगों के लिए, यह एक भरोसेमंद मौसम साथी के रूप में काम करता है जो उन्हें अपनी यात्राओं की योजना बनाने और उन्हें एडजस्ट करने के लिए समय पर यात्रा और सुरक्षा टिप्स दे सकता है, जिससे लोगों में मौसम सबंधी चेतावनी को लेकर जागरूकता बहुत बढ़ जाती है। दरअसल ’फेंगहे’ की खूबी यह है कि यह पेशेवर मौसम की शब्दावली और संदर्भ को गहराई से समझने में मदद करता है
एक और सोर्स के मुताबिक, इसे मौसम के डेटा और सिनेरियो को बेहतर ढंग से समझने के लिए लगभग 550 बिलियन मौसम संबंधी टोकन के साथ ट्रेन किया गया था। सिंघुआ यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर ली जुआनज़ी का भी मानना है कि ’फेंगहे’ का डिज़ाइन रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन के साथ डीप इंटीग्रेशन की सुविधा देता है। मौसम की जानकारी के लिए फाइन-ट्यून ’फेंगहे’ न सिर्फ़ टेक्स्ट जेनरेट करने देता है, बल्कि डेटा एक्सेस, तर्क और टूल के इस्तेमाल को मिलाकर काम करने लायक आउटपुट भी तैयार करता है। इसका आर्किटेक्चर फेंगहे को नेचुरल लैंग्वेज इंटरैक्शन और खास ऑपरेशनल कामों, दोनों ही तरह के काम करने देता है। बड़े चीनी एआई भाषा मॉडल (जैसे वू डाओ या टेक कंपनियों द्वारा विकसित सामान्य LLM) से ’फेंगहे’ अलग है क्योंकि यह वर्टिकल और डोमेन-विशिष्ट है।
चीन के भौगोलिक वातावरण के लिए प्रभावकारी
चीन भी, दुनिया के ज्यादातर हिस्सों की तरह, बढ़ते जलवायु परिवर्तन का अनुभव कर रहा है -अधिक तापमान, अधिक बारिश, सूखा वगैरह। ऐसे में बड़े मौसम संबंधी डेटासेट पर प्रशिक्षित इन्हीं एआई मॉडल के जरिए सूक्ष्म पैटर्न का पता लग सकता हैं और जलवायु रुझानों और परिवर्तनशीलता की समझ में सुधार किया जा सकता हैं। विश्लेषण से मिले लंबे समय के जलवायु संकेत कृषि, जल संसाधन, ऊर्जा और शहरी नियोजन सहित सभी क्षेत्रों में जलवायु अनुकूलन रणनीतियों को सपोर्ट कर सकते हैं। कुल मिलाकर यह मानने से इंकार नहीं किया जा सकता है कि ’फेंगहे’ चीन को वर्षों या दशकों में बदलते जलवायु मानदंडों के अनुकूलन की योजना बनाने में मदद कर सकता है। चीन के भौगोलिक वातावरण के लिए समान एआई संचालित मौसम विज्ञान प्रौद्योगिकियों के पर्यावरणीय प्रभावों की एक स्पष्ट व्याख्या बताती है कि ’फेंगहे’ मौसम विज्ञान प्रणालियां, भारी बारिश, तूफ़ान, लू और बर्फीले तूफ़ान जैसी चरम मौसम घटनाओं के लिए, पूर्वानुमान और शुरुआती चेतावनी में सुधार करती हैं - जो बाढ़, भूस्खलन और फसल क्षति जैसे पर्यावरणीय प्रभावों से निकटता से जुड़ी हैं। ये प्रणालियाँ पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक सटीक और समय पर पूर्वानुमान देने की क्षमता रखती हैं, जिससे अधिकारियों और समुदायों को तैयारी करने और अनुकूलन करने में मदद मिलती है।
इसकी शुरुआती चेतावनी प्राकृतिक खतरों (जैसे, बाढ़, कटाव, भूस्खलन) से होने वाले पर्यावरणीय और मानवीय नुकसान को कम कर सकती है। चरम घटनाओं का बेहतर अनुमान अधिक प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रियाओं और संसाधन आवंटन से पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने और बुनियादी ढांचे की रक्षा करने में मदद मिलती है। एआई पूर्वानुमान जलवायु परिवर्तन से तेज होने वाली मौसम की चरम सीमाओं के खिलाफ पर्यावरणीय लचीलेपन को मजबूत करता है। स्थानीय और क्षेत्रीय मौसम संबंधी जानकारी में बेहतर सटीकता एआई मॉडल तेजी से उच्च-रिज़ॉल्यूशन, स्थानीय पूर्वानुमानों में सक्षम हो रहे हैं, जो अचानक वैस्यूलर तूफ़ान या कम अवधि की तीव्र बारिश जैसी स्थानिक रूप से जटिल पर्यावरणीय स्थितियों का अनुमान लगाने में मदद करते हैं, जिनका पूर्वानुमान पारंपरिक मॉडल नहीं लगा पाते हैं। ज्यादा सटीक मौसम संबंधी जानकारी से पानी के संसाधनों, मिट्टी संरक्षण योजनाओं और इकोलॉजिकली संवेदनशील क्षेत्रों में ज़मीन के इस्तेमाल की प्लानिंग का बेहतर मैनेजमेंट हो पाता है। यही बढ़ी हुई सटीकता टारगेटेड पर्यावरण रणनीतियों को सपोर्ट करती है, जबकि पहले पारंपरिक बड़े पूर्वानुमान ही आम हुआ करते थे।
दक्षिण-पूर्व एशिया एआई क्षमताओं को डेवलप कर रहे हैं
चीन के अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया की कई अन्य सरकारें भी एआई जनित मौसम संबंधी अंतर्दृष्टि को पर्यावरणीय नियमों और जोखिम-आधारित नियोजन ढाँचे को अपने भौगोलिक वातावरण के अनुसार पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति नीतिगत प्रतिक्रियाओं को मज़बूत करने की तैयारी कर रही है। इंडोनेशिया की नेशनल मौसम एजेंसी (बीएमकेजी) एआई-एन्हांस्ड मौसम की भविष्यवाणी, खासकर कम समय की बारिश की अभी की जानकारी के लिए, एक्टिव रूप से खोज कर रही है। उनके अध्ययनों का लक्ष्य आपदा प्रबंधन, कृषि, विमानन और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए स्थानिक रिज़ॉल्यूशन और पूर्वानुमान की विश्वसनीयता में सुधार करना है। यह पहल अभी फिलहाल अपने अंतिम पायलट चरणों में है। वियतनाम आपदा तैयारियों को मजबूत करने के लिए अपने राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों में एआई और डिजिटल तकनीकों को एकीकृत कर रहा है। कम समय की बारिश और तूफ़ान के अनुमान को ज़्यादा सटीक बनाने के लिए रडार और सैटेलाइट डेटा को प्रोसेस करने के लिए एआई तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पहले चेतावनी देने की क्षमता बेहतर हो रही है।
फिलीपींस भी मौसम के पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाने के लिए एआई आधारित मौसम उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, एटमो एआई जैसे मशीन-लर्निंग पूर्वानुमान सिस्टम देश की मौसम विज्ञान एजेंसी (पीएजीएएस) के साथ मिलकर तेज़ी से और संभावित रूप से अधिक सटीक पूर्वानुमान लगा रहा हैं, जो निःसंदेह तूफ़ान की आशंका वाले फिलीपींस के लिए बहुत ज़रूरी है। थाईलैंड ने बैंकॉक के आसपास बारिश की तुरंत भविष्यवाणी के लिए एआई सिस्टम लगाए हैं, जो शहरी बाढ़ की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए तीन घंटे पहले तक का पूर्वानुमान देते हैं। यह बड़े क्षेत्रीय एआई, शुरुआती चेतावनी प्रयासों का हिस्सा है। सिंगापुर का मुख्य फोकस खास तौर पर मौसम संबंधी एआई मॉडल पर नहीं है, लेकिन यह एआई रिसर्च और जलवायु से जुड़े मॉडलिंग टूल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में एक क्षेत्रीय लीडर बन के उभर रहा है। यह देश एआई इनोवेशन में भारी निवेश करता है, जिसमें ऐसे मॉडल और डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी शामिल हैं जो पर्यावरण और शहरी प्लानिंग को सपोर्ट करते हैं और जिससे एडवांस्ड सिमुलेशन और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स संभव होते हैं जो मौसम के जोखिमों को शामिल कर सकते हैं। मलेशिया में खास तौर पर एआई मौसम विज्ञान को अपनाना अभी शुरुआती या डेवलपमेंट स्टेज में है। आपदा पूर्वानुमान और पर्यावरण निगरानी में बड़े एआई इंटीग्रेशन के लिए पहल मौजूद हैं, जिसमें बाढ़ और तूफान शुरुआती चेतावनी प्रणालियों के लिए पार्टनरशिप शामिल हैं, लेकिन पूरी तरह से चालू एआई मौसम मॉडल अभी भी डेवलपमेंट में हैं।
भारत में, राष्ट्रीय मौसम एजेंसी, इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट, जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत काम करती है ,ने मौसम के पूर्वानुमान और संबंधित विश्लेषण को बेहतर बनाने के लिए पहले ही एआई और मशीन लर्निंग (एमएल तकनीकों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। अगले 5 कुछ सालों में, एआई से पूर्वानुमान मॉडल और तकनीकों में काफी सुधार होने की उम्मीद है। आईएमडी और एमओइएस मौसम की भविष्यवाणी और एनालिसिस के लिए एआई टूल्स को मिलकर डेवलप करने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे बड़े भारतीय टेक्निकल संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इन पार्टनरशिप का मकसद फोरकास्टिंग रिसर्च और ऑपरेशनल वर्कफ़्लो में एडवांस्ड मशीन लर्निंग एक्सपर्टाइज लाना है। ज्यादातर दक्षिण-पूर्व एशियाई देश अभी तक सिर्फ़ मौसम विज्ञान के लिए पूरी तरह से डेडिकेटेड जेनरेटिव एआई मॉडल (जैसे चीन का फेंगहे) के लेवल तक नहीं पहुँचे हैं। हालाँकि, वे सटीकता और रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर बनाने के लिए मौसम पूर्वानुमान और आपदा चेतावनी सिस्टम के साथ एआई को एक्टिव रूप से मिला रहे हैं, खासकर बारिश, तूफ़ान, बाढ़ और मौसम की दूसरी गंभीर घटनाओं के लिए - जो इस क्षेत्र की जलवायु प्रभावों के प्रति कमज़ोरी को देखते हुए बहुत ज़रूरी है।
निष्कर्ष
पर्यावरणीय निर्णय लेने और नीति के साथ एकीकरण ’फेंगहे’ जैसे एआई मौसम मॉडल सिर्फ़ पूर्वानुमान उपकरण नहीं हैं। वे निर्णय-उन्मुख अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं जो जल संसाधन प्रबंधन, कृषि सलाह, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और जैव विविधता संरक्षण जैसी पर्यावरणीय सेवाओं के साथ जुड़ते हैं। फिर भी ये कहना गलत नहीं होगा कि एआई पूर्वानुमान कोई रामबाण नहीं है। मौसम विज्ञान एजेंसियों के अनुसार, कुछ प्रकार के चरम मौसम, विशेष रूप से कुछ क्षेत्रों (जैसे, उत्तरी चीन) में अत्यधिक स्थानीयकृत या तेज़ी से विकसित होने वाली घटनाएँ का पूर्वानुमान लगाना अभी भी बेहद मुश्किल है।
Image Credits: News Ghana
Author
Rekha Pankaj
Mrs. Rekha Pankaj is a senior Hindi Journalist with over 38 years of experience. Over the course of her career, she has been the Editor-in-Chief of Newstimes and been an Editor at newspapers like Vishwa Varta, Business Link, Shree Times, Lokmat and Infinite News. Early in her career, she worked at Swatantra Bharat of the Pioneer Group and The Times of India's Sandhya Samachar. During 1992-1996, she covered seven sessions of the Lok Sabha as a Principle Correspondent. She maintains a blog, Kaalkhand, on which she publishes her independent takes on domestic and foreign politics from an Indian lens.